हनुमान वडवानल स्तोत्र
विभीषण ने हनुमानजी की स्तुति में एक बहुत ही अद्भुत और अचूक स्तोत्र की रचना की है। विभीषण द्वारा रचित इस स्तोत्र को 'हनुमान वडवानल स्तोत्र कहते हैं।
रावण के भाई श्री विभीषण जो की भगवान राम व हनुमान जी के अनन्य भक्त थे, अपनी पूजा में वो निरंतर दोनों की पूजा किया करते थे। भक्त विभीषण ने कष्टों से मुक्ति व सुरक्षा हेतु उन्होंने हनुमद वडवानल स्तोत्र की रचना की।
इस चमत्कारी वडवानल स्तोत्र पर भगवान श्रीराम व हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त तो है ही साथ में विभीषण का तप बल भी इस स्तोत्र के साथ है। अत: इस शक्तिशाली स्तोत्र के पाठ से न सिर्फ व्यक्ति सुरक्षित महसूस करता है अपितु उसकी अभीष्ठ इच्छा की भी पूर्ति होती है।

Comments
Post a Comment