गणेशजी,गणपति ,गणेशजी ने हाथी का मस्तक ही क्यों ?
श्रीमहागणेश ने पार्वतीनंदन गौरीपुत्र के रूप में अवतार लिया. उनका स्वरूप मनुष्य और हाथी का संयोजन है. शिव-पार्वती के पुत्र के रूप में तो उनका एक अवतार है.
गणेशजी ने हाथी का मस्तक ही क्यों लिया है किसी अन्य जीव का क्यों नहीं. इस रहस्य को समझने का प्रयास किया जाए तो उत्तर मिलता है कि आखिर गणेशजी को परमदेवों में क्यों माना जाता है. वह सिर्फ शिव-पार्वती के पुत्र नहीं है बल्कि उनके ही समान परमदेव हैं.

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