महाकाली की उत्पत्ति
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा
कालीमहाकाली कालिके परमेश्वरी ।
सर्वानन्दकरीदेवी नारायणि नमोऽस्तुते ।।
ॐक्रीं काल्यै नमः
श्रीमार्कण्डेय पुराण एवं श्रीदुर्गा सप्तशती के अनुसार कालीमां की उत्पत्ति जगतजननी मां अम्बा के ललाट सेहुई थी।
दक्षिणा काली, शमशान काली, मातृ काली और महाकाली ,मां काली के रूप हैं ।
माता ने महिषासुर, चंड, मुंड, धूम्राक्ष, रक्तबीज, शुम्भ, निशुम्भ आदि राक्षसों के वध किएथे।

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