श्राद्ध,'महालय, पितृ पक्ष
श्राद्ध पर्व की महिमा ही तर्पण और अर्पण से है। वैसे श्राद्ध का सीधा-सा अर्थ है-श्रद्धा से किया वह काम जिसमें प्रसन्नता, सम्मान और ईमानदारी नजर आए।
श्राद्ध क्या है?
ब्रह्म पुराण के अनुसार जो भी वस्तु उचित काल या स्थान पर पितरों के नाम उचित विधि द्वारा ब्राह्मणों को श्रद्धापूर्वक दिया जाए वह श्राद्ध कहलाता है। श्राद्ध के माध्यम से पितरों को तृप्ति के लिए भोजन पहुंचाया जाता है। पिण्ड रूप में पितरों को दिया गया भोजन श्राद्ध का अहम हिस्सा होता है।

Comments
Post a Comment