भगवान शंकर को पति के रूप में पाने हेतु माता-पार्वती कठोर तपस्या कर रही थी। उनकी तपस्या पूर्णता की ओर थी। एक समय वह भगवान के चिंतन में ध्यान मग्न बैठी थी। उसी समय उन्हें एक बालक के डुबने की चीख सुनाई दी। माता तुरंत उठकर वहां पहुंची। उन्होंने देखा एक मगरमच्छ बालक को पानी के भीतर खींच रहा है। Read more »
गुरुब्र्रह्मा गुरुर्विष्णु र्गुरुर्देवो महेश्वर:। गुरु: साक्षात्परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नम:।। अर्थात- गुरु ही ब्रह्मा है, गुरु ही विष्णु है और गुरु ही भगवान शंकर है। गुरु ही साक्षात परब्रह्म है। ऐसे गुरु को मैं प्रणाम करता हूं। Read more »
सोमवार का व्रत श्रावण, चैत्र, वैसाख, कार्तिक व मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि से शुरू कियाजाताहै. सोमवार के व्रत तीन प्रकार के हैं साधारण प्रति सोमवार , सौम्य प्रदोष और सोलह सोमवार , पूजाविधि तीनों की एक जैसी है । शिव पूजन के पश् चात् कथा सुननी चाहिए । इसे सोलह सोमवार तक पूरी श्रद्धा से रखने से मनभावन फलों की प्रप्ति होती है. Read more »
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