काकासुर का वध (कृष्ण लीला)


जब कंस नन्द लाल के आठवी संतान को मारने गया ,तब योगमाया ने कंस से कहा की उसका काल गोकुल में जन्म ले चूका है।
तब कंस ने दूसरे दिन अपने दरबार में मंत्रियों को बुलवाया और योगमाया की सारी बातें उनसे बतायीं। कंस के मंत्री दैत्य होने के कारण स्वभाव से ही क्रूर थे। वे सब देवताओं के प्रति शत्रुता का भाव रखते थे।
Read more »

Comments

Popular posts from this blog

तपस्या का फल(कहानी)

गुरु पूर्णिमा ,व्यास पूर्णिमा ,मुड़िया पूनों

सोलह सोमवार व्रत विधि,कथा