त्रिपुंड
ललाटअर्थात माथे पर भस्म याचंदन से तीन रेखाएंबनाई जाती हैं उसे त्रिपुंड कहते हैं। भस्म या चंदन कोहाथों की बीच कीतीन अंगुलियों से लेकर सावधानीपूर्वकमाथे पर तीन तिरछीरेखाओं जैसा आकार दिया जाता है। शैव संप्रदाय के लोग इसेधारण करते हैं। शिवमहापुराण के अनुसार त्रिपुंडकी तीन रेखाओं में से हर एकमें नौ-नौ देवतानिवास करते हैं।

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