सावन शिवरात्रि
सावन शिवरात्रि
सम्पूर्ण श्रावणमाह में शिव-शक्ति पृथ्वी पर ही निवास करते हैं इसलिए भी देव-दनुज, नाग, यक्ष, गंधर्व, किन्नर, शिवगण, शिव भक्त आदि 'शिवः अभिषेक प्रियः, श्रावणे पूजयेत शिवम्' आदि-आदि सूक्तिओं के संकेत से भगवान् रूद्र की आराधना एवं अभिषेक करते हैं।
इस माह के आरम्भ होते ही शिवभक्त कांवडि़ये हरिद्वार, ऋषिकेश और गोमुख,नीलकंठ से गंगाजल भरकर कांवड़ उठाए अपने-अपने घर को लौटते हैं। मार्ग में इन शिवभक्तों द्वारा ॐ नमः शिवाय, बोल बम, 'बम-बम भोले' आदि के उद्घोष से पूरा वातावरण शिवमय हो जाता है।

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