मंत्र जप नियम,करमाला

मंत्र जप का मूल भाव होता है- मनन। जिस देव का मंत्र है उस देव के मनन के लिए सही तरीके धर्मग्रंथों में बताए है। शास्त्रों के मुताबिक मंत्रों का जप पूरी श्रद्धा और आस्था से करना चाहिए। साथ ही, एकाग्रता और मन का संयम मंत्रों के जप के लिए बहुत जरुरी है। माना जाता है कि इनके बिना मंत्रों की शक्ति कम हो जाती है और कामना पूर्ति या लक्ष्य प्राप्ति में उनका प्रभाव नहीं होता है।
Read more »

Comments

Popular posts from this blog

तपस्या का फल(कहानी)

गुरु पूर्णिमा ,व्यास पूर्णिमा ,मुड़िया पूनों

सोलह सोमवार व्रत विधि,कथा