बगलामुखी चालीसा


दोहा
सिर नवाइ बगलामुखी, लिखूं चालीसा आज।।
कृपा करहु मोपर सदा, पूरन हो मम काज।।

चौपाई

जय जय जय श्री बगला माता।
आदिशक्ति सब जग की त्राता।।
बगला सम तब आनन माता।
एहि ते भयउ नाम विख्याता।।
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